सैन्य धर्मगुरु के लिए आवेदन:
संक्षिप्त जानकारी:-
यह खुशखबरी उन सभी लोगो के लिए है जिन्होंने स्नातक ससंकृत से की है और अब पछतावा कर रहे हैं क्योंकि इस समय सेना के लिए धर्मगुरु मतलब कि Army Religious Teacher के लिए नयी भर्ती आयी हैं. अगर आप भी सेना के लिए धर्मगुरु का कार्य करना चाहते हैं तो फिर इस पोस्ट को ध्यान से पढ़िए। 30/09/2019 से Army Religious Teacher के लिए Online Application Form आ चुके हैं और इसमें सबसे मजेदार बात यह है कि किसी भी समुदाय से किसी भी तरह का शुल्क नहीं वसूल किया जा रहा है. आप स्वयं ही आवेदन करते हैं तो आपको किसी को भी एक पैसा भी नहीं देना है. आपको बता दिया जाना चाहिए कि 29/10/2019 upto 05:00 PM Only फॉर्म भर सकते हैं. इसकी परीक्षा 23/02/2020 को हो सकती है. आपको एडमिट कार्ड February 2020 तक मिलना प्रारम्भ हो जाएगें।
भर्ती विवरण:-
विशेष:- सभी आवेदन केवल पुरुषों के ही स्वीकार किए जाएंगे।
१-पंडित:- इस पद के लिए सभी हिन्दू आवेदन कर सकते हैं. शैक्षणिक योग्यता के लिए प्रार्थी का हिंदी अथवा संस्कृत से स्नातक होना चाहिए या फिर वह संस्कृत में माध्यम या हिंदी में भूषण हो. ज्ञात हो कि इसके लिए कुल ११८ पद निटधारित किए गए हैं.
२-ग्रंथि:- इसके लिए कुल ९ पद हैं और प्रार्थी का पंजाबी भाषा में स्नातक होना चाहिए लेकिन पंजाबी मुख्य भाषा की तरह होनी चाहिए। प्रार्थी का पजाबी भाषा में विद्धान होना अनिवार्य है. इसके लिए केवल सिख पुरुष ही आवेदन कर सकते हैं.
३ -पादरी:- इस पद के लिए केवल वे ईसाई पुरुष ही आवेदन कर सकते हैं जिन्हें उपयुक्त प्राधिकार द्वारा पुरोहिती ठहराया गया है और अभी भी स्थानीय बिशप की अनुमोदित सूची में है. इसके लिए कुल ४ पद हैं.
४-सुन्नी मौलवी:- इसके लिए कुल ९ पद हैं जिनपर ऐसे मुस्लिम आवेदन कर सकते हैं जिन्होंने अरबी या उर्दू से स्नातक किया है अथवा वे अरबी में मौलवी आलिम, उर्दू में अदीब आलिम हैं.
५- गोरखा (पंडित):- इस पद में अधिकतर शर्तें हिन्दू पंडित की हैं लेकिन विशेष यह है कि इसमें आवेदन केवल गोरखा पुरुष ही कर सकते हैं. इसके लिए कुल ७ पद हैं.\
६- शिया मौलवी:- इसकी शर्तें सुन्नी मौलवी जैसी हैं लेकिन आवेदक शिया होने चाहिए। इसके लिए केवल एक ही पद हैं.
७- बौद्ध भिक्षु:- इस पद के लिए केवल ४ स्थान ही हैं जिसके लिए केवल बौद्ध पुरुष ही आवेदन कर सकते हैं जिन्हें उपयुक्त प्राधिकारी द्वारा भिक्षु / बौद्ध पुजारी ठहराया गया है। उपयुक्त प्राधिकारी शब्द का अर्थ उस मठ के प्रमुख पुजारी से होगा जहां व्यक्ति को पुरोहिती में आरंभ किया गया है। प्रधान पुजारी को खानपा या लोपोन या रबजम के गेशे (पीएचडी) के कब्जे में होना चाहिए।
३ -पादरी:- इस पद के लिए केवल वे ईसाई पुरुष ही आवेदन कर सकते हैं जिन्हें उपयुक्त प्राधिकार द्वारा पुरोहिती ठहराया गया है और अभी भी स्थानीय बिशप की अनुमोदित सूची में है. इसके लिए कुल ४ पद हैं.
४-सुन्नी मौलवी:- इसके लिए कुल ९ पद हैं जिनपर ऐसे मुस्लिम आवेदन कर सकते हैं जिन्होंने अरबी या उर्दू से स्नातक किया है अथवा वे अरबी में मौलवी आलिम, उर्दू में अदीब आलिम हैं.
५- गोरखा (पंडित):- इस पद में अधिकतर शर्तें हिन्दू पंडित की हैं लेकिन विशेष यह है कि इसमें आवेदन केवल गोरखा पुरुष ही कर सकते हैं. इसके लिए कुल ७ पद हैं.\
६- शिया मौलवी:- इसकी शर्तें सुन्नी मौलवी जैसी हैं लेकिन आवेदक शिया होने चाहिए। इसके लिए केवल एक ही पद हैं.
७- बौद्ध भिक्षु:- इस पद के लिए केवल ४ स्थान ही हैं जिसके लिए केवल बौद्ध पुरुष ही आवेदन कर सकते हैं जिन्हें उपयुक्त प्राधिकारी द्वारा भिक्षु / बौद्ध पुजारी ठहराया गया है। उपयुक्त प्राधिकारी शब्द का अर्थ उस मठ के प्रमुख पुजारी से होगा जहां व्यक्ति को पुरोहिती में आरंभ किया गया है। प्रधान पुजारी को खानपा या लोपोन या रबजम के गेशे (पीएचडी) के कब्जे में होना चाहिए।
अधिक जानकारी के लिए आप निर्देश पढ़ सकते हैं. पढ़ने के लिए नीचे दिए गए Link पर क्लिक करें-
निर्देश
आप आवेदन करने के इच्छुक हैं तो आप देवलक्ष्य की सहायता ले सकते हैं या आप स्वयं ही Official website पर विजिट कर सकते हैं.
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